12 सितंबर 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 12 सितंबर 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 सितंबर 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (07:46 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:55 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 09:25 से 10:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:37
रात 06:21 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:55 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:20 – 07:53टालें
शुभ07:53 – 09:25शुभ
रोग09:25 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:29टालें
चर12:29 – 14:01सामान्य
लाभ14:01 – 15:33शुभ
अमृत15:33 – 17:05शुभ
काल17:05 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:37 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:33टालें
शुभ21:33 – 23:01शुभ
अमृत23:01 – 00:29शुभ
चर00:29 – 01:57सामान्य
रोग01:57 – 03:25टालें
काल03:25 – 04:53टालें
लाभ04:53 – 06:21शुभ

12 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 07:46 तक
शुक्ल द्वितीया 07:08, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:07, 13 सित॰ तक
योग
शुभ 15:09 तक
शुक्ल 13:43, 13 सित॰ तक
करण
बव 07:46 तक
बालव 19:23 तक
कौलव 07:08, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
07:12
चंद्रास्त
19:22
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
09:25 – 10:57
यमगंड
14:01 – 15:33
गुलिक काल
06:20 – 07:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2007:22दिन
गुरु07:2208:23दिन
मंगल08:2309:25दिन
सूर्य09:2510:26दिन
शुक्र10:2611:27दिन
बुध11:2712:29दिन
चंद्र12:2913:30दिन
शनि13:3014:32दिन
गुरु14:3215:33दिन
मंगल15:3316:34दिन
सूर्य16:3417:36दिन
शुक्र17:3618:37दिन
बुध18:3719:36रात
चंद्र19:3620:34रात
शनि20:3421:33रात
गुरु21:3322:32रात
मंगल22:3223:30रात
सूर्य23:3000:29रात
शुक्र00:2901:27रात
बुध01:2702:26रात
चंद्र02:2603:25रात
शनि03:2504:23रात
गुरु04:2305:22रात
मंगल05:2206:21रात

अयनांश 24.2300° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।