10 मार्च 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 10 मार्च 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 मार्च 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:53 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:52 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 12:43 से 14:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:41
रात 06:44 तक
तिथि
द्वितीया, 15:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:45 – 08:14शुभ
अमृत08:14 – 09:44शुभ
काल09:44 – 11:13टालें
शुभ11:13 – 12:43शुभ
रोग12:43 – 14:13टालें
उद्वेग14:13 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:12सामान्य
लाभ17:12 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:41 – 20:12टालें
शुभ20:12 – 21:42शुभ
अमृत21:42 – 23:12शुभ
चर23:12 – 00:43सामान्य
रोग00:43 – 02:13टालें
काल02:13 – 03:43टालें
लाभ03:43 – 05:14शुभ
उद्वेग05:14 – 06:44टालें

10 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:53 तक
शुक्ल तृतीया 15:37, 11 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:20, 11 मार्च तक
योग
शुक्ल 00:50, 11 मार्च तक
ब्रह्म 23:22, 11 मार्च तक
करण
कौलव 15:53 तक
तैतिल 03:48, 11 मार्च तक
गर 15:37, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
07:42
चंद्रास्त
20:25
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:07 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:43 – 14:13
यमगंड
08:14 – 09:44
गुलिक काल
11:13 – 12:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4507:44दिन
चंद्र07:4408:44दिन
शनि08:4409:44दिन
गुरु09:4410:44दिन
मंगल10:4411:43दिन
सूर्य11:4312:43दिन
शुक्र12:4313:43दिन
बुध13:4314:43दिन
चंद्र14:4315:42दिन
शनि15:4216:42दिन
गुरु16:4217:42दिन
मंगल17:4218:41दिन
सूर्य18:4119:42रात
शुक्र19:4220:42रात
बुध20:4221:42रात
चंद्र21:4222:42रात
शनि22:4223:42रात
गुरु23:4200:43रात
मंगल00:4301:43रात
सूर्य01:4302:43रात
शुक्र02:4303:43रात
बुध03:4304:44रात
चंद्र04:4405:44रात
शनि05:4406:44रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।