17 अप्रैल 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 17 अप्रैल 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 अप्रैल 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:28 तक), नक्षत्र मघा (07:08 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 09:24 से 10:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:48
रात 06:16 तक
तिथि
एकादशी, 09:28 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 06:06 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:16 – 07:50टालें
शुभ07:50 – 09:24शुभ
रोग09:24 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:32टालें
चर12:32 – 14:06सामान्य
लाभ14:06 – 15:40शुभ
अमृत15:40 – 17:14शुभ
काल17:14 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:48 – 20:14शुभ
उद्वेग20:14 – 21:40टालें
शुभ21:40 – 23:06शुभ
अमृत23:06 – 00:32शुभ
चर00:32 – 01:58सामान्य
रोग01:58 – 03:24टालें
काल03:24 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:16शुभ

17 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:28 तक
शुक्ल द्वादशी 07:42, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 07:08 तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:06, 18 अप्रैल तक
उत्तरा फाल्गुनी 05:15, 19 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 00:24, 18 अप्रैल तक
ध्रुव 21:58, 18 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:28 तक
बव 20:34 तक
बालव 07:42, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
15:38
चंद्रास्त
03:29
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
09:24 – 10:58
यमगंड
14:06 – 15:40
गुलिक काल
06:16 – 07:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1607:19दिन
गुरु07:1908:22दिन
मंगल08:2209:24दिन
सूर्य09:2410:27दिन
शुक्र10:2711:30दिन
बुध11:3012:32दिन
चंद्र12:3213:35दिन
शनि13:3514:38दिन
गुरु14:3815:40दिन
मंगल15:4016:43दिन
सूर्य16:4317:46दिन
शुक्र17:4618:48दिन
बुध18:4819:46रात
चंद्र19:4620:43रात
शनि20:4321:40रात
गुरु21:4022:38रात
मंगल22:3823:35रात
सूर्य23:3500:32रात
शुक्र00:3201:29रात
बुध01:2902:27रात
चंद्र02:2703:24रात
शनि03:2404:21रात
गुरु04:2105:18रात
मंगल05:1806:16रात

अयनांश 24.2383° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।