13 सितंबर 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 13 सितंबर 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 सितंबर 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (00:40, 14 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:59, 14 सित॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 07:53 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:37
रात 06:21 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:40 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:53शुभ
काल07:53 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:33सामान्य
लाभ15:33 – 17:05शुभ
अमृत17:05 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:37 – 20:05सामान्य
रोग20:05 – 21:33टालें
काल21:33 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:53शुभ
चर04:53 – 06:21सामान्य

13 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 00:40, 14 सित॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 02:48, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 08:59, 14 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:45 तक
सुकर्मा 08:36, 14 सित॰ तक
करण
कौलव 11:28 तक
तैतिल 00:40, 14 सित॰ तक
गर 13:47, 14 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 19:34 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
17:00
चंद्रास्त
04:02
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:53 – 09:25
यमगंड
10:57 – 12:29
गुलिक काल
14:01 – 15:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:22दिन
शनि07:2208:23दिन
गुरु08:2309:25दिन
मंगल09:2510:26दिन
सूर्य10:2611:27दिन
शुक्र11:2712:29दिन
बुध12:2913:30दिन
चंद्र13:3014:31दिन
शनि14:3115:33दिन
गुरु15:3316:34दिन
मंगल16:3417:35दिन
सूर्य17:3518:37दिन
शुक्र18:3719:35रात
बुध19:3520:34रात
चंद्र20:3421:33रात
शनि21:3322:31रात
गुरु22:3123:30रात
मंगल23:3000:29रात
सूर्य00:2901:27रात
शुक्र01:2702:26रात
बुध02:2603:25रात
चंद्र03:2504:23रात
शनि04:2305:22रात
गुरु05:2206:21रात

अयनांश 24.2440° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।