15 सितंबर 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 15 सितंबर 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 15 सितंबर 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (04:33, 16 सित॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (11:33 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 12:28 से 14:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:35
रात 06:21 तक
तिथि
पूर्णिमा, 04:33 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 11:33 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:21 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:24शुभ
काल09:24 – 10:56टालें
शुभ10:56 – 12:28शुभ
रोग12:28 – 14:00टालें
उद्वेग14:00 – 15:31टालें
चर15:31 – 17:03सामान्य
लाभ17:03 – 18:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:35 – 20:03टालें
शुभ20:03 – 21:31शुभ
अमृत21:31 – 23:00शुभ
चर23:00 – 00:28सामान्य
रोग00:28 – 01:56टालें
काल01:56 – 03:24टालें
लाभ03:24 – 04:53शुभ
उद्वेग04:53 – 06:21टालें

15 सितंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 04:33, 16 सित॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 05:52, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 11:33 तक
पूर्वा भाद्रपद 13:44, 16 सित॰ तक
योग
धृति 09:12 तक
शूलअशुभ 09:30, 16 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:44 तक
बव 04:33, 16 सित॰ तक
बालव 17:16, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
18:08
चंद्रास्त
05:38
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:28 – 14:00
यमगंड
07:53 – 09:24
गुलिक काल
10:56 – 12:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2107:22दिन
चंद्र07:2208:23दिन
शनि08:2309:24दिन
गुरु09:2410:25दिन
मंगल10:2511:27दिन
सूर्य11:2712:28दिन
शुक्र12:2813:29दिन
बुध13:2914:30दिन
चंद्र14:3015:31दिन
शनि15:3116:33दिन
गुरु16:3317:34दिन
मंगल17:3418:35दिन
सूर्य18:3519:34रात
शुक्र19:3420:33रात
बुध20:3321:31रात
चंद्र21:3122:30रात
शनि22:3023:29रात
गुरु23:2900:28रात
मंगल00:2801:27रात
सूर्य01:2702:26रात
शुक्र02:2603:24रात
बुध03:2404:23रात
चंद्र04:2305:22रात
शनि05:2206:21रात

अयनांश 24.2441° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।