16 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 16 अक्टूबर 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:13 तक), नक्षत्र अश्विनी (23:59 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 09:22 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:11
रात 06:26 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:13 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अश्विनी, 23:59 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:25 – 07:54टालें
शुभ07:54 – 09:22शुभ
रोग09:22 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:18टालें
चर12:18 – 13:46सामान्य
लाभ13:46 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:43शुभ
काल16:43 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:11 – 19:43शुभ
उद्वेग19:43 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:46शुभ
अमृत22:46 – 00:18शुभ
चर00:18 – 01:50सामान्य
रोग01:50 – 03:22टालें
काल03:22 – 04:54टालें
लाभ04:54 – 06:26शुभ

16 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:13 तक
कृष्ण द्वितीया 18:43, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 00:03, 18 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 14:29 तक
वज्रअशुभ 13:03, 17 अक्टू॰ तक
करण
बालव 07:18 तक
कौलव 19:13 तक
तैतिल 07:01, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
18:34
चंद्रास्त
06:51
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:22 – 10:50
यमगंड
13:46 – 15:15
गुलिक काल
06:25 – 07:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2507:24दिन
गुरु07:2408:23दिन
मंगल08:2309:22दिन
सूर्य09:2210:21दिन
शुक्र10:2111:19दिन
बुध11:1912:18दिन
चंद्र12:1813:17दिन
शनि13:1714:16दिन
गुरु14:1615:15दिन
मंगल15:1516:13दिन
सूर्य16:1317:12दिन
शुक्र17:1218:11दिन
बुध18:1119:12रात
चंद्र19:1220:13रात
शनि20:1321:15रात
गुरु21:1522:16रात
मंगल22:1623:17रात
सूर्य23:1700:18रात
शुक्र00:1801:19रात
बुध01:1902:21रात
चंद्र02:2103:22रात
शनि03:2204:23रात
गुरु04:2305:24रात
मंगल05:2406:26रात

अयनांश 24.2452° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।