10 मार्च 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 मार्च 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 मार्च 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (10:21 तक), नक्षत्र मघा (09:28 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 11:13 से 12:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:42
रात 06:43 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:21 तक
पूर्णिमा, 06:36 तक
नक्षत्र
मघा, 09:28 तक
पूर्वा फाल्गुनी, 06:29 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:44 – 08:14सामान्य
लाभ08:14 – 09:43शुभ
अमृत09:43 – 11:13शुभ
काल11:13 – 12:43टालें
शुभ12:43 – 14:13शुभ
रोग14:13 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:12टालें
चर17:12 – 18:42सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:42 – 20:12टालें
काल20:12 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:12शुभ
उद्वेग23:12 – 00:42टालें
शुभ00:42 – 02:13शुभ
अमृत02:13 – 03:43शुभ
चर03:43 – 05:13सामान्य
रोग05:13 – 06:43टालें

10 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 10:21 तक
पूर्णिमा 06:36, 11 मार्च तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:56, 12 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 09:28 तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:29, 11 मार्च तक
उत्तरा फाल्गुनी 03:37, 12 मार्च तक
योग
धृति 20:32 तक
शूलअशुभ 16:17, 11 मार्च तक
करण
वणिज 10:21 तक
विष्टि (भद्रा) 20:28 तक
बव 06:36, 11 मार्च तक
बालव 16:44, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
18:07
चंद्रास्त
05:52
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
11:13 – 12:43
यमगंड
15:42 – 17:12
गुलिक काल
08:14 – 09:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4407:44दिन
बुध07:4408:44दिन
चंद्र08:4409:43दिन
शनि09:4310:43दिन
गुरु10:4311:43दिन
मंगल11:4312:43दिन
सूर्य12:4313:43दिन
शुक्र13:4314:42दिन
बुध14:4215:42दिन
चंद्र15:4216:42दिन
शनि16:4217:42दिन
गुरु17:4218:42दिन
मंगल18:4219:42रात
सूर्य19:4220:42रात
शुक्र20:4221:42रात
बुध21:4222:42रात
चंद्र22:4223:42रात
शनि23:4200:42रात
गुरु00:4201:43रात
मंगल01:4302:43रात
सूर्य02:4303:43रात
शुक्र03:4304:43रात
बुध04:4305:43रात
चंद्र05:4306:43रात

अयनांश 24.2508° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।