19 मार्च 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 19 मार्च 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 19 मार्च 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (19:17 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (02:10, 20 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 17:13 से 18:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:43
रात 06:37 तक
तिथि
नवमी, 19:17 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 02:10 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:37 – 08:08टालें
चर08:08 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:10शुभ
अमृत11:10 – 12:40शुभ
काल12:40 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:42शुभ
रोग15:42 – 17:13टालें
उद्वेग17:13 – 18:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:43 – 20:13शुभ
अमृत20:13 – 21:42शुभ
चर21:42 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:40टालें
काल00:40 – 02:09टालें
लाभ02:09 – 03:38शुभ
उद्वेग03:38 – 05:07टालें
शुभ05:07 – 06:37शुभ

19 मार्च 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 19:17 तक
कृष्ण दशमी 21:36, 20 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 02:10, 20 मार्च तक
उत्तराषाढ़ा 05:04, 21 मार्च तक
योग
वरीयान 22:08 तक
परिघअशुभ 22:55, 20 मार्च तक
करण
गर 19:17 तक
वणिज 08:24, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
01:56
चंद्रास्त
13:15
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
17:13 – 18:43
यमगंड
12:40 – 14:11
गुलिक काल
15:42 – 17:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3707:38दिन
शुक्र07:3808:38दिन
बुध08:3809:39दिन
चंद्र09:3910:39दिन
शनि10:3911:40दिन
गुरु11:4012:40दिन
मंगल12:4013:41दिन
सूर्य13:4114:41दिन
शुक्र14:4115:42दिन
बुध15:4216:42दिन
चंद्र16:4217:43दिन
शनि17:4318:43दिन
गुरु18:4319:43रात
मंगल19:4320:42रात
सूर्य20:4221:42रात
शुक्र21:4222:41रात
बुध22:4123:41रात
चंद्र23:4100:40रात
शनि00:4001:39रात
गुरु01:3902:39रात
मंगल02:3903:38रात
सूर्य03:3804:38रात
शुक्र04:3805:37रात
बुध05:3706:37रात

अयनांश 24.2512° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।