22 मार्च 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 22 मार्च 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 मार्च 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (02:56, 23 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (08:12 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 12:39 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:44
रात 06:34 तक
तिथि
द्वादशी, 02:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:35 – 08:06शुभ
अमृत08:06 – 09:37शुभ
काल09:37 – 11:08टालें
शुभ11:08 – 12:39शुभ
रोग12:39 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:13सामान्य
लाभ17:13 – 18:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:44 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 23:10शुभ
चर23:10 – 00:39सामान्य
रोग00:39 – 02:08टालें
काल02:08 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:05शुभ
उद्वेग05:05 – 06:34टालें

22 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 02:56, 23 मार्च तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:34, 24 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 08:12 तक
धनिष्ठा 11:22, 23 मार्च तक
योग
सिद्ध 00:58, 23 मार्च तक
साध्य 01:59, 24 मार्च तक
करण
कौलव 13:35 तक
तैतिल 02:56, 23 मार्च तक
गर 16:16, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 21:48 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
04:02
चंद्रास्त
15:47
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:04 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:39 – 14:11
यमगंड
08:06 – 09:37
गुलिक काल
11:08 – 12:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3507:36दिन
चंद्र07:3608:36दिन
शनि08:3609:37दिन
गुरु09:3710:38दिन
मंगल10:3811:39दिन
सूर्य11:3912:39दिन
शुक्र12:3913:40दिन
बुध13:4014:41दिन
चंद्र14:4115:42दिन
शनि15:4216:42दिन
गुरु16:4217:43दिन
मंगल17:4318:44दिन
सूर्य18:4419:43रात
शुक्र19:4320:42रात
बुध20:4221:41रात
चंद्र21:4122:41रात
शनि22:4123:40रात
गुरु23:4000:39रात
मंगल00:3901:38रात
सूर्य01:3802:37रात
शुक्र02:3703:37रात
बुध03:3704:36रात
चंद्र04:3605:35रात
शनि05:3506:34रात

अयनांश 24.2513° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।