30 मार्च 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 30 मार्च 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 मार्च 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (14:30 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:48, 31 मार्च तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:45
रात 06:28 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:48 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 08:01शुभ
रोग08:01 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 11:05टालें
चर11:05 – 12:37सामान्य
लाभ12:37 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:41शुभ
काल15:41 – 17:13टालें
शुभ17:13 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:45 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:37टालें
लाभ00:37 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:32टालें
शुभ03:32 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:28शुभ

30 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 14:30 तक
शुक्ल पंचमी 14:35, 31 मार्च तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:48, 31 मार्च तक
रोहिणी 02:19, 1 अप्रैल तक
योग
प्रीति 02:16, 31 मार्च तक
आयुष्मान 01:04, 1 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:30 तक
बव 02:36, 31 मार्च तक
बालव 14:35, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 07:07 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
22:27
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:41
यमगंड
06:29 – 08:01
गुलिक काल
09:33 – 11:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:30दिन
मंगल07:3008:32दिन
सूर्य08:3209:33दिन
शुक्र09:3310:34दिन
बुध10:3411:36दिन
चंद्र11:3612:37दिन
शनि12:3713:38दिन
गुरु13:3814:40दिन
मंगल14:4015:41दिन
सूर्य15:4116:43दिन
शुक्र16:4317:44दिन
बुध17:4418:45दिन
चंद्र18:4519:44रात
शनि19:4420:42रात
गुरु20:4221:41रात
मंगल21:4122:40रात
सूर्य22:4023:38रात
शुक्र23:3800:37रात
बुध00:3701:35रात
चंद्र01:3502:34रात
शनि02:3403:32रात
गुरु03:3204:31रात
मंगल04:3105:30रात
सूर्य05:3006:28रात

अयनांश 24.2516° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।