25 अक्टूबर 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 25 अक्टूबर 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 अक्टूबर 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (23:14 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (14:12 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:05
रात 06:28 तक
तिथि
अष्टमी, 23:14 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 14:12 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 07:55शुभ
अमृत07:55 – 09:22शुभ
काल09:22 – 10:49टालें
शुभ10:49 – 12:17शुभ
रोग12:17 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:11टालें
चर15:11 – 16:38सामान्य
लाभ16:38 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:05 – 19:38टालें
शुभ19:38 – 21:11शुभ
अमृत21:11 – 22:44शुभ
चर22:44 – 00:17सामान्य
रोग00:17 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:22टालें
लाभ03:22 – 04:55शुभ
उद्वेग04:55 – 06:28टालें

25 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 23:14 तक
शुक्ल नवमी 01:20, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 16:39, 26 अक्टू॰ तक
योग
धृति 11:25 तक
शूलअशुभ 11:47, 26 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:23 तक
बव 23:14 तक
बालव 12:14, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
13:01
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:40 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:44
यमगंड
07:55 – 09:22
गुलिक काल
10:49 – 12:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:26दिन
चंद्र07:2608:24दिन
शनि08:2409:22दिन
गुरु09:2210:20दिन
मंगल10:2011:18दिन
सूर्य11:1812:17दिन
शुक्र12:1713:15दिन
बुध13:1514:13दिन
चंद्र14:1315:11दिन
शनि15:1116:09दिन
गुरु16:0917:07दिन
मंगल17:0718:05दिन
सूर्य18:0519:07रात
शुक्र19:0720:09रात
बुध20:0921:11रात
चंद्र21:1122:13रात
शनि22:1323:15रात
गुरु23:1500:17रात
मंगल00:1701:19रात
सूर्य01:1902:21रात
शुक्र02:2103:22रात
बुध03:2204:24रात
चंद्र04:2405:26रात
शनि05:2606:28रात

अयनांश 24.2596° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।