28 फ़रवरी 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (22:40 तक), नक्षत्र मघा (18:13 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 12:45 से 14:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:39
रात 06:50 तक
तिथि
पूर्णिमा, 22:40 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 18:13 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:51 – 08:20शुभ
अमृत08:20 – 09:48शुभ
काल09:48 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:45शुभ
रोग12:45 – 14:14टालें
उद्वेग14:14 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:39 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:42शुभ
अमृत21:42 – 23:13शुभ
चर23:13 – 00:45सामान्य
रोग00:45 – 02:16टालें
काल02:16 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:19शुभ
उद्वेग05:19 – 06:50टालें

28 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 22:40 तक
कृष्ण प्रतिपदा 19:01, 1 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 18:13 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:21, 1 मार्च तक
योग
सुकर्मा 00:16, 1 मार्च तक
धृति 20:03, 1 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:25 तक
बव 22:40 तक
बालव 08:51, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
18:24
चंद्रास्त
06:12
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:09 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:45 – 14:14
यमगंड
08:20 – 09:48
गुलिक काल
11:17 – 12:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5107:50दिन
चंद्र07:5008:49दिन
शनि08:4909:48दिन
गुरु09:4810:47दिन
मंगल10:4711:46दिन
सूर्य11:4612:45दिन
शुक्र12:4513:44दिन
बुध13:4414:43दिन
चंद्र14:4315:42दिन
शनि15:4216:41दिन
गुरु16:4117:40दिन
मंगल17:4018:39दिन
सूर्य18:3919:40रात
शुक्र19:4020:41रात
बुध20:4121:42रात
चंद्र21:4222:43रात
शनि22:4323:44रात
गुरु23:4400:45रात
मंगल00:4501:46रात
सूर्य01:4602:47रात
शुक्र02:4703:48रात
बुध03:4804:49रात
चंद्र04:4905:50रात
शनि05:5006:50रात

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।