14 अक्टूबर 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 14 अक्टूबर 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 अक्टूबर 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (04:29, 15 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (15:49 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 16:44 से 18:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:12
रात 06:25 तक
तिथि
अष्टमी, 04:29 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 15:49 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:25 – 07:53टालें
चर07:53 – 09:22सामान्य
लाभ09:22 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:18शुभ
काल12:18 – 13:47टालें
शुभ13:47 – 15:15शुभ
रोग15:15 – 16:44टालें
उद्वेग16:44 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:12 – 19:44शुभ
अमृत19:44 – 21:15शुभ
चर21:15 – 22:47सामान्य
रोग22:47 – 00:19टालें
काल00:19 – 01:50टालें
लाभ01:50 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:54टालें
शुभ04:54 – 06:25शुभ

14 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 04:29, 15 अक्टू॰ तक
शुक्ल नवमी 04:38, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 16:17, 15 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:32 तक
सुकर्मा 08:06, 15 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:38 तक
बव 04:29, 15 अक्टू॰ तक
बालव 16:29, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 21:53 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
12:48
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:44 – 18:12
यमगंड
12:18 – 13:47
गुलिक काल
15:15 – 16:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2507:24दिन
शुक्र07:2408:23दिन
बुध08:2309:22दिन
चंद्र09:2210:21दिन
शनि10:2111:20दिन
गुरु11:2012:18दिन
मंगल12:1813:17दिन
सूर्य13:1714:16दिन
शुक्र14:1615:15दिन
बुध15:1516:14दिन
चंद्र16:1417:13दिन
शनि17:1318:12दिन
गुरु18:1219:13रात
मंगल19:1320:14रात
सूर्य20:1421:15रात
शुक्र21:1522:16रात
बुध22:1623:17रात
चंद्र23:1700:19रात
शनि00:1901:20रात
गुरु01:2002:21रात
मंगल02:2103:22रात
सूर्य03:2204:23रात
शुक्र04:2305:24रात
बुध05:2406:25रात

अयनांश 24.2731° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।