10 अक्टूबर 2007 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 10 अक्टूबर 2007, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 अक्टूबर 2007 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (08:16 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:22 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 11:23 से 12:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 17:16
रात 05:31 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2007 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:30 – 06:59शुभ
अमृत06:59 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:55टालें
शुभ09:55 – 11:23शुभ
रोग11:23 – 12:51टालें
उद्वेग12:51 – 14:19टालें
चर14:19 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:16 – 18:48टालें
शुभ18:48 – 20:19शुभ
अमृत20:19 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:23सामान्य
रोग23:23 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:27टालें
लाभ02:27 – 03:59शुभ
उद्वेग03:59 – 05:31टालें

10 अक्टूबर 2007 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 08:16 तक
अमावस्या 10:30, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:06, 11 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 09:03 तक
इंद्र 09:45, 11 अक्टू॰ तक
करण
शकुनि 08:16 तक
चतुष्पद 21:22 तक
नाग 10:30, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
04:35
चंद्रास्त
16:38
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2064
शक संवत
1929, सर्वजित संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:23 – 12:51
यमगंड
06:59 – 08:27
गुलिक काल
09:55 – 11:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3006:29दिन
चंद्र06:2907:28दिन
शनि07:2808:27दिन
गुरु08:2709:25दिन
मंगल09:2510:24दिन
सूर्य10:2411:23दिन
शुक्र11:2312:22दिन
बुध12:2213:21दिन
चंद्र13:2114:19दिन
शनि14:1915:18दिन
गुरु15:1816:17दिन
मंगल16:1717:16दिन
सूर्य17:1618:17रात
शुक्र18:1719:18रात
बुध19:1820:19रात
चंद्र20:1921:21रात
शनि21:2122:22रात
गुरु22:2223:23रात
मंगल23:2300:24रात
सूर्य00:2401:26रात
शुक्र01:2602:27रात
बुध02:2703:28रात
चंद्र03:2804:29रात
शनि04:2905:31रात

अयनांश 23.9656° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।