26 अक्टूबर 2007 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2007, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2007 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (10:21 तक), नक्षत्र अश्विनी (18:02 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 17:03
रात 05:38 तक
तिथि
पूर्णिमा, 10:21 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 18:02 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2007 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:37 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 09:54शुभ
काल09:54 – 11:20टालें
शुभ11:20 – 12:46शुभ
रोग12:46 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:37टालें
चर15:37 – 17:03सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:03 – 18:37टालें
काल18:37 – 20:11टालें
लाभ20:11 – 21:46शुभ
उद्वेग21:46 – 23:20टालें
शुभ23:20 – 00:55शुभ
अमृत00:55 – 02:29शुभ
चर02:29 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:38टालें

26 अक्टूबर 2007 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 10:21 तक
कृष्ण प्रतिपदा 06:26, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 14:55, 27 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 14:59 तक
सिद्धि 10:35, 27 अक्टू॰ तक
करण
बव 10:21 तक
बालव 20:24 तक
कौलव 06:26, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
16:59
चंद्रास्त
05:28
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2064
शक संवत
1929, सर्वजित संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:20
यमगंड
14:11 – 15:37
गुलिक काल
07:03 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3706:34दिन
बुध06:3407:31दिन
चंद्र07:3108:29दिन
शनि08:2909:26दिन
गुरु09:2610:23दिन
मंगल10:2311:20दिन
सूर्य11:2012:17दिन
शुक्र12:1713:14दिन
बुध13:1414:11दिन
चंद्र14:1115:08दिन
शनि15:0816:06दिन
गुरु16:0617:03दिन
मंगल17:0318:06रात
सूर्य18:0619:09रात
शुक्र19:0920:11रात
बुध20:1121:14रात
चंद्र21:1422:17रात
शनि22:1723:20रात
गुरु23:2000:23रात
मंगल00:2301:26रात
सूर्य01:2602:29रात
शुक्र02:2903:32रात
बुध03:3204:35रात
चंद्र04:3505:38रात

अयनांश 23.9662° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।