7 अक्टूबर 2012 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 7 अक्टूबर 2012, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 अक्टूबर 2012 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (00:05, 8 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (07:40 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 15:49 से 17:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 17:18
रात 05:30 तक
तिथि
सप्तमी, 00:05 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:30 – 06:58टालें
चर06:58 – 08:27सामान्य
लाभ08:27 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:24शुभ
काल11:24 – 12:52टालें
शुभ12:52 – 14:21शुभ
रोग14:21 – 15:49टालें
उद्वेग15:49 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:18 – 18:49शुभ
अमृत18:49 – 20:21शुभ
चर20:21 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:24टालें
काल23:24 – 00:55टालें
लाभ00:55 – 02:27शुभ
उद्वेग02:27 – 03:58टालें
शुभ03:58 – 05:30शुभ

7 अक्टूबर 2012 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 00:05, 8 अक्टू॰ तक
कृष्ण अष्टमी 01:51, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 10:18, 8 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 13:32 तक
परिघअशुभ 14:04, 8 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:59 तक
बव 00:05, 8 अक्टू॰ तक
बालव 13:03, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
22:30
चंद्रास्त
11:17
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:49 – 17:18
यमगंड
11:24 – 12:52
गुलिक काल
14:21 – 15:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3006:29दिन
शुक्र06:2907:28दिन
बुध07:2808:27दिन
चंद्र08:2709:26दिन
शनि09:2610:25दिन
गुरु10:2511:24दिन
मंगल11:2412:23दिन
सूर्य12:2313:22दिन
शुक्र13:2214:21दिन
बुध14:2115:20दिन
चंद्र15:2016:19दिन
शनि16:1917:18दिन
गुरु17:1818:19रात
मंगल18:1919:20रात
सूर्य19:2020:21रात
शुक्र20:2121:22रात
बुध21:2222:23रात
चंद्र22:2323:24रात
शनि23:2400:25रात
गुरु00:2501:26रात
मंगल01:2602:27रात
सूर्य02:2703:28रात
शुक्र03:2804:29रात
बुध04:2905:30रात

अयनांश 24.0354° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।