21 अक्टूबर 2015 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 21 अक्टूबर 2015, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2015 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (13:29 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (14:19 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 11:21 से 12:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 17:06
रात 05:35 तक
तिथि
अष्टमी, 13:29 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 14:19 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2015 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:35 – 07:01शुभ
अमृत07:01 – 08:28शुभ
काल08:28 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:21शुभ
रोग11:21 – 12:47टालें
उद्वेग12:47 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:40सामान्य
लाभ15:40 – 17:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:06 – 18:40टालें
शुभ18:40 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 21:47शुभ
चर21:47 – 23:21सामान्य
रोग23:21 – 00:54टालें
काल00:54 – 02:28टालें
लाभ02:28 – 04:02शुभ
उद्वेग04:02 – 05:35टालें

21 अक्टूबर 2015 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 13:29 तक
शुक्ल नवमी 11:58, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:28, 22 अक्टू॰ तक
योग
धृति 19:24 तक
शूलअशुभ 16:54, 22 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:29 तक
बालव 00:48, 22 अक्टू॰ तक
कौलव 11:58, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
12:22
चंद्रास्त
23:56
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:44 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:21 – 12:47
यमगंड
07:01 – 08:28
गुलिक काल
09:54 – 11:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3506:32दिन
चंद्र06:3207:30दिन
शनि07:3008:28दिन
गुरु08:2809:25दिन
मंगल09:2510:23दिन
सूर्य10:2311:21दिन
शुक्र11:2112:18दिन
बुध12:1813:16दिन
चंद्र13:1614:14दिन
शनि14:1415:11दिन
गुरु15:1116:09दिन
मंगल16:0917:06दिन
सूर्य17:0618:09रात
शुक्र18:0919:11रात
बुध19:1120:14रात
चंद्र20:1421:16रात
शनि21:1622:18रात
गुरु22:1823:21रात
मंगल23:2100:23रात
सूर्य00:2301:26रात
शुक्र01:2602:28रात
बुध02:2803:30रात
चंद्र03:3004:33रात
शनि04:3305:35रात

अयनांश 24.0778° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।