15 सितंबर 2017 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 सितंबर 2017, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 सितंबर 2017 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (18:29 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (02:16, 16 सित॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 09:59 से 11:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 17:39
रात 05:23 तक
तिथि
दशमी, 18:29 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 02:16 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2017 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:23 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:59शुभ
काल09:59 – 11:31टालें
शुभ11:31 – 13:03शुभ
रोग13:03 – 14:35टालें
उद्वेग14:35 – 16:07टालें
चर16:07 – 17:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:39 – 19:07टालें
काल19:07 – 20:35टालें
लाभ20:35 – 22:03शुभ
उद्वेग22:03 – 23:31टालें
शुभ23:31 – 00:59शुभ
अमृत00:59 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:23टालें

15 सितंबर 2017 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 18:29 तक
कृष्ण एकादशी 16:30, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 02:16, 16 सित॰ तक
पुष्य 01:05, 17 सित॰ तक
योग
वरीयान 22:24 तक
परिघअशुभ 19:42, 16 सित॰ तक
करण
वणिज 07:32 तक
विष्टि (भद्रा) 18:29 तक
बव 05:29, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 20:35 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
00:19
चंद्रास्त
13:56
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:59 – 11:31
यमगंड
14:35 – 16:07
गुलिक काल
06:55 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2306:24दिन
बुध06:2407:25दिन
चंद्र07:2508:27दिन
शनि08:2709:28दिन
गुरु09:2810:30दिन
मंगल10:3011:31दिन
सूर्य11:3112:32दिन
शुक्र12:3213:34दिन
बुध13:3414:35दिन
चंद्र14:3515:37दिन
शनि15:3716:38दिन
गुरु16:3817:39दिन
मंगल17:3918:38रात
सूर्य18:3819:37रात
शुक्र19:3720:35रात
बुध20:3521:34रात
चंद्र21:3422:33रात
शनि22:3323:31रात
गुरु23:3100:30रात
मंगल00:3001:28रात
सूर्य01:2802:27रात
शुक्र02:2703:26रात
बुध03:2604:24रात
चंद्र04:2405:23रात

अयनांश 24.1044° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।