29 सितंबर 2017 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (23:50 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (15:47 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:26 पर है। राहुकाल 09:56 से 11:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:26
रात 05:27 तक
तिथि
नवमी, 23:50 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 15:47 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2017 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:27 – 06:57सामान्य
लाभ06:57 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:56शुभ
काल09:56 – 11:26टालें
शुभ11:26 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:26टालें
उद्वेग14:26 – 15:56टालें
चर15:56 – 17:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:26 – 18:56टालें
काल18:56 – 20:26टालें
लाभ20:26 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:26टालें
शुभ23:26 – 00:57शुभ
अमृत00:57 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:57सामान्य
रोग03:57 – 05:27टालें

29 सितंबर 2017 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 23:50 तक
शुक्ल दशमी 01:36, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 18:15, 30 सित॰ तक
योग
शोभन 11:24 तक
अतिगंडअशुभ 11:58, 30 सित॰ तक
करण
बालव 10:46 तक
कौलव 23:50 तक
तैतिल 12:47, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 22:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:26
चंद्रोदय
12:59
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:56 – 11:26
यमगंड
14:26 – 15:56
गुलिक काल
06:57 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2706:27दिन
बुध06:2707:27दिन
चंद्र07:2708:27दिन
शनि08:2709:26दिन
गुरु09:2610:26दिन
मंगल10:2611:26दिन
सूर्य11:2612:26दिन
शुक्र12:2613:26दिन
बुध13:2614:26दिन
चंद्र14:2615:26दिन
शनि15:2616:26दिन
गुरु16:2617:26दिन
मंगल17:2618:26रात
सूर्य18:2619:26रात
शुक्र19:2620:26रात
बुध20:2621:26रात
चंद्र21:2622:26रात
शनि22:2623:26रात
गुरु23:2600:27रात
मंगल00:2701:27रात
सूर्य01:2702:27रात
शुक्र02:2703:27रात
बुध03:2704:27रात
चंद्र04:2705:27रात

अयनांश 24.1049° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।