27 अक्टूबर 2020 को कोलकाता का चौघड़िया

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (10:47 तक), नक्षत्र शतभिषा (06:36 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 17:02 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 17:02
रात 05:38 तक
तिथि
एकादशी, 10:47 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2020 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:38 – 07:03टालें
उद्वेग07:03 – 08:29टालें
चर08:29 – 09:54सामान्य
लाभ09:54 – 11:20शुभ
अमृत11:20 – 12:45शुभ
काल12:45 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:02 – 18:36टालें
लाभ18:36 – 20:11शुभ
उद्वेग20:11 – 21:45टालें
शुभ21:45 – 23:20शुभ
अमृत23:20 – 00:55शुभ
चर00:55 – 02:29सामान्य
रोग02:29 – 04:04टालें
काल04:04 – 05:38टालें

27 अक्टूबर 2020 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 10:47 तक
शुक्ल द्वादशी 12:54, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:36 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:11, 28 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 01:06, 28 अक्टू॰ तक
व्याघातअशुभ 01:47, 29 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:47 तक
बव 23:48 तक
बालव 12:54, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 02:30, 28 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
17:02
चंद्रोदय
14:52
चंद्रास्त
01:54
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942, शार्वरी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:36
यमगंड
08:29 – 09:54
गुलिक काल
11:20 – 12:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3806:35दिन
सूर्य06:3507:32दिन
शुक्र07:3208:29दिन
बुध08:2909:26दिन
चंद्र09:2610:23दिन
शनि10:2311:20दिन
गुरु11:2012:17दिन
मंगल12:1713:14दिन
सूर्य13:1414:11दिन
शुक्र14:1115:08दिन
बुध15:0816:05दिन
चंद्र16:0517:02दिन
शनि17:0218:05रात
गुरु18:0519:08रात
मंगल19:0820:11रात
सूर्य20:1121:14रात
शुक्र21:1422:17रात
बुध22:1723:20रात
चंद्र23:2000:23रात
शनि00:2301:26रात
गुरु01:2602:29रात
मंगल02:2903:32रात
सूर्य03:3204:35रात
शुक्र04:3505:38रात

अयनांश 24.1479° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।