28 मई 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 28 मई 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 मई 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (05:03 तक), नक्षत्र मृगशिरा (00:29, 29 मई तक) और योग धृति है। सूर्योदय 04:52 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 11:33 से 13:14 तक है।

दिन और रात
दिन 04:52 – 18:15
रात 04:52 तक
तिथि
द्वितीया, 01:54 तक
तृतीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 00:29 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:52 – 06:32शुभ
अमृत06:32 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:53टालें
शुभ09:53 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 13:14टालें
उद्वेग13:14 – 14:54टालें
चर14:54 – 16:35सामान्य
लाभ16:35 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:15 – 19:35टालें
शुभ19:35 – 20:54शुभ
अमृत20:54 – 22:14शुभ
चर22:14 – 23:33सामान्य
रोग23:33 – 00:53टालें
काल00:53 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:32शुभ
उद्वेग03:32 – 04:52टालें

28 मई 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 05:03 तक
शुक्ल द्वितीया 01:54, 29 मई तक
शुक्ल तृतीया 23:18, 29 मई तक
नक्षत्र
मृगशिरा 00:29, 29 मई तक
आर्द्रा 22:38, 29 मई तक
योग
धृति 19:08 तक
शूलअशुभ 15:46, 29 मई तक
करण
बव 05:03 तक
बालव 15:25 तक
कौलव 01:54, 29 मई तक
तैतिल 12:32, 29 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:36 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:52
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
05:34
चंद्रास्त
19:53
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:09
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 12:00 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 13:14
यमगंड
06:32 – 08:13
गुलिक काल
09:53 – 11:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5205:59दिन
चंद्र05:5907:06दिन
शनि07:0608:13दिन
गुरु08:1309:20दिन
मंगल09:2010:26दिन
सूर्य10:2611:33दिन
शुक्र11:3312:40दिन
बुध12:4013:47दिन
चंद्र13:4714:54दिन
शनि14:5416:01दिन
गुरु16:0117:08दिन
मंगल17:0818:15दिन
सूर्य18:1519:08रात
शुक्र19:0820:01रात
बुध20:0120:54रात
चंद्र20:5421:47रात
शनि21:4722:40रात
गुरु22:4023:33रात
मंगल23:3300:26रात
सूर्य00:2601:19रात
शुक्र01:1902:12रात
बुध02:1203:05रात
चंद्र03:0503:59रात
शनि03:5904:52रात

अयनांश 24.2119° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।