11 जुलाई 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 जुलाई 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (02:09, 12 जुल॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (05:56 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 04:59 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 10:01 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 04:59 – 18:24
रात 04:59 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:09 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:59 – 06:39सामान्य
लाभ06:39 – 08:20शुभ
अमृत08:20 – 10:01शुभ
काल10:01 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:44टालें
चर16:44 – 18:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:24 – 19:44टालें
काल19:44 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 23:42टालें
शुभ23:42 – 01:01शुभ
अमृत01:01 – 02:20शुभ
चर02:20 – 03:40सामान्य
रोग03:40 – 04:59टालें

11 जुलाई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 02:09, 12 जुल॰ तक
कृष्ण द्वितीया 01:46, 13 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 06:36, 12 जुल॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 20:44 तक
विष्कंभअशुभ 19:31, 12 जुल॰ तक
करण
बालव 14:11 तक
कौलव 02:09, 12 जुल॰ तक
तैतिल 14:00, 12 जुल॰ तक
चंद्र राशि
धनु 12:08 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:59
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
19:05
चंद्रास्त
05:03
दिनमान
13h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:34 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
10:01 – 11:42
यमगंड
15:03 – 16:44
गुलिक काल
06:39 – 08:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5906:06दिन
बुध06:0607:13दिन
चंद्र07:1308:20दिन
शनि08:2009:27दिन
गुरु09:2710:34दिन
मंगल10:3411:42दिन
सूर्य11:4212:49दिन
शुक्र12:4913:56दिन
बुध13:5615:03दिन
चंद्र15:0316:10दिन
शनि16:1017:17दिन
गुरु17:1718:24दिन
मंगल18:2419:17रात
सूर्य19:1720:10रात
शुक्र20:1021:03रात
बुध21:0321:56रात
चंद्र21:5622:49रात
शनि22:4923:42रात
गुरु23:4200:35रात
मंगल00:3501:28रात
सूर्य01:2802:20रात
शुक्र02:2003:13रात
बुध03:1304:06रात
चंद्र04:0604:59रात

अयनांश 24.2136° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।