9 अगस्त 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 9 अगस्त 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 अगस्त 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (13:25 तक), नक्षत्र श्रवण (14:23 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:26 से 10:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:12
रात 05:11 तक
तिथि
पूर्णिमा, 13:25 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण, 14:23 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:11 – 06:48टालें
शुभ06:48 – 08:26शुभ
रोग08:26 – 10:04टालें
उद्वेग10:04 – 11:41टालें
चर11:41 – 13:19सामान्य
लाभ13:19 – 14:57शुभ
अमृत14:57 – 16:34शुभ
काल16:34 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:12 – 19:34शुभ
उद्वेग19:34 – 20:57टालें
शुभ20:57 – 22:19शुभ
अमृत22:19 – 23:42शुभ
चर23:42 – 01:04सामान्य
रोग01:04 – 02:26टालें
काल02:26 – 03:49टालें
लाभ03:49 – 05:11शुभ

9 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 13:25 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:10, 10 अग॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 14:23 तक
धनिष्ठा 13:52, 10 अग॰ तक
योग
सौभाग्य 02:15, 10 अग॰ तक
शोभन 00:02, 11 अग॰ तक
करण
बव 13:25 तक
बालव 00:50, 10 अग॰ तक
कौलव 12:10, 10 अग॰ तक
चंद्र राशि
मकर 02:11, 10 अग॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
18:25
चंद्रास्त
04:52
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 10:04
यमगंड
13:19 – 14:57
गुलिक काल
05:11 – 06:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1106:16दिन
गुरु06:1607:21दिन
मंगल07:2108:26दिन
सूर्य08:2609:31दिन
शुक्र09:3110:36दिन
बुध10:3611:41दिन
चंद्र11:4112:47दिन
शनि12:4713:52दिन
गुरु13:5214:57दिन
मंगल14:5716:02दिन
सूर्य16:0217:07दिन
शुक्र17:0718:12दिन
बुध18:1219:07रात
चंद्र19:0720:02रात
शनि20:0220:57रात
गुरु20:5721:52रात
मंगल21:5222:47रात
सूर्य22:4723:42रात
शुक्र23:4200:37रात
बुध00:3701:31रात
चंद्र01:3102:26रात
शनि02:2603:21रात
गुरु03:2104:16रात
मंगल04:1605:11रात

अयनांश 24.2147° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।