5 नवंबर 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 5 नवंबर 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (18:49 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:40 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 16:56
रात 05:43 तक
तिथि
पूर्णिमा, 18:49 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 09:40 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:43 – 07:07शुभ
अमृत07:07 – 08:31शुभ
काल08:31 – 09:55टालें
शुभ09:55 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 12:44टालें
उद्वेग12:44 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:32सामान्य
लाभ15:32 – 16:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:56 – 18:32टालें
शुभ18:32 – 20:08शुभ
अमृत20:08 – 21:44शुभ
चर21:44 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:56टालें
काल00:56 – 02:32टालें
लाभ02:32 – 04:07शुभ
उद्वेग04:07 – 05:43टालें

5 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 18:49 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:55, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:34, 6 नव॰ तक
योग
सिद्धि 11:28 तक
व्यतीपातअशुभ 07:04, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:44 तक
बव 18:49 तक
बालव 04:52, 6 नव॰ तक
कौलव 14:55, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
16:36
चंद्रास्त
05:10
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:44
यमगंड
07:07 – 08:31
गुलिक काल
09:55 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4306:39दिन
चंद्र06:3907:35दिन
शनि07:3508:31दिन
गुरु08:3109:27दिन
मंगल09:2710:23दिन
सूर्य10:2311:20दिन
शुक्र11:2012:16दिन
बुध12:1613:12दिन
चंद्र13:1214:08दिन
शनि14:0815:04दिन
गुरु15:0416:00दिन
मंगल16:0016:56दिन
सूर्य16:5618:00रात
शुक्र18:0019:04रात
बुध19:0420:08रात
चंद्र20:0821:12रात
शनि21:1222:16रात
गुरु22:1623:20रात
मंगल23:2000:24रात
सूर्य00:2401:28रात
शुक्र01:2802:32रात
बुध02:3203:35रात
चंद्र03:3504:39रात
शनि04:3905:43रात

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।