7 दिसंबर 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 7 दिसंबर 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 दिसंबर 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (18:25 तक), नक्षत्र आर्द्रा (06:13 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 15:31 से 16:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 16:52
रात 06:04 तक
तिथि
तृतीया, 18:25 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:11 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:03 – 07:24टालें
चर07:24 – 08:45सामान्य
लाभ08:45 – 10:06शुभ
अमृत10:06 – 11:27शुभ
काल11:27 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:31टालें
उद्वेग15:31 – 16:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:52 – 18:31शुभ
अमृत18:31 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:49सामान्य
रोग21:49 – 23:28टालें
काल23:28 – 01:07टालें
लाभ01:07 – 02:46शुभ
उद्वेग02:46 – 04:25टालें
शुभ04:25 – 06:04शुभ

7 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 18:25 तक
कृष्ण चतुर्थी 16:03, 8 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:11, 8 दिस॰ तक
पुष्य 02:52, 9 दिस॰ तक
योग
शुक्ल 20:07 तक
ब्रह्म 17:01, 8 दिस॰ तक
करण
वणिज 07:51 तक
विष्टि (भद्रा) 18:25 तक
बव 05:09, 8 दिस॰ तक
बालव 16:03, 8 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:38 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
19:24
चंद्रास्त
08:29
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
15:31 – 16:52
यमगंड
11:27 – 12:48
गुलिक काल
14:10 – 15:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0306:57दिन
शुक्र06:5707:51दिन
बुध07:5108:45दिन
चंद्र08:4509:39दिन
शनि09:3910:33दिन
गुरु10:3311:27दिन
मंगल11:2712:21दिन
सूर्य12:2113:15दिन
शुक्र13:1514:10दिन
बुध14:1015:04दिन
चंद्र15:0415:58दिन
शनि15:5816:52दिन
गुरु16:5217:58रात
मंगल17:5819:04रात
सूर्य19:0420:10रात
शुक्र20:1021:16रात
बुध21:1622:22रात
चंद्र22:2223:28रात
शनि23:2800:34रात
गुरु00:3401:40रात
मंगल01:4002:46रात
सूर्य02:4603:52रात
शुक्र03:5204:58रात
बुध04:5806:04रात

अयनांश 24.2193° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।