13 जून 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 13 जून 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 जून 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (16:08 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:17, 14 जून तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 04:51 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 04:51 – 18:21
रात 04:51 तक
तिथि
त्रयोदशी, 16:08 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:17 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल04:51 – 06:32टालें
शुभ06:32 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:59शुभ
अमृत14:59 – 16:40शुभ
काल16:40 – 18:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:21 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 20:59टालें
शुभ20:59 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 23:36शुभ
चर23:36 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:14टालें
काल02:14 – 03:32टालें
लाभ03:32 – 04:51शुभ

13 जून 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 16:08 तक
कृष्ण चतुर्दशी 12:20, 14 जून तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:17, 14 जून तक
रोहिणी 22:14, 14 जून तक
योग
सुकर्मा 17:28 तक
धृति 13:15, 14 जून तक
करण
गर 05:55 तक
वणिज 16:08 तक
विष्टि (भद्रा) 02:15, 14 जून तक
शकुनि 12:20, 14 जून तक
चंद्र राशि
मेष 09:25 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:51
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
16:33
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:09
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:03

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:55
यमगंड
13:17 – 14:59
गुलिक काल
04:51 – 06:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि04:5105:59दिन
गुरु05:5907:06दिन
मंगल07:0608:14दिन
सूर्य08:1409:21दिन
शुक्र09:2110:29दिन
बुध10:2911:36दिन
चंद्र11:3612:44दिन
शनि12:4413:51दिन
गुरु13:5114:59दिन
मंगल14:5916:06दिन
सूर्य16:0617:14दिन
शुक्र17:1418:21दिन
बुध18:2119:14रात
चंद्र19:1420:06रात
शनि20:0620:59रात
गुरु20:5921:51रात
मंगल21:5122:44रात
सूर्य22:4423:36रात
शुक्र23:3600:29रात
बुध00:2901:21रात
चंद्र01:2102:14रात
शनि02:1403:06रात
गुरु03:0603:59रात
मंगल03:5904:51रात

अयनांश 24.2265° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।