15 जून 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 15 जून 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 जून 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:24 तक), नक्षत्र मृगशिरा (19:08 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 04:51 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 06:33 से 08:14 तक है।

दिन और रात
दिन 04:51 – 18:22
रात 04:51 तक
तिथि
अमावस्या, 08:24 तक
प्रतिपदा, 04:31 तक
नक्षत्र
मृगशिरा, 19:08 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:51 – 06:33शुभ
काल06:33 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:55शुभ
रोग09:55 – 11:37टालें
उद्वेग11:37 – 13:18टालें
चर13:18 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:40शुभ
अमृत16:40 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:22 – 19:41सामान्य
रोग19:41 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 23:37शुभ
उद्वेग23:37 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:14शुभ
अमृत02:14 – 03:33शुभ
चर03:33 – 04:51सामान्य

15 जून 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 08:24 तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:31, 16 जून तक
शुक्ल द्वितीया 00:52, 17 जून तक
नक्षत्र
आर्द्रा 16:12, 16 जून तक
योग
शूलअशुभ 08:55 तक
गंडअशुभ 04:39, 16 जून तक
वृद्धि 00:34, 17 जून तक
करण
नाग 08:24 तक
किंस्तुघ्न 18:26 तक
बव 04:31, 16 जून तक
बालव 14:39, 16 जून तक
चंद्र राशि
वृषभ 08:41 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:51
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
04:35
चंद्रास्त
18:54
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:09
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
06:33 – 08:14
यमगंड
09:55 – 11:37
गुलिक काल
13:18 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5105:59दिन
शनि05:5907:06दिन
गुरु07:0608:14दिन
मंगल08:1409:21दिन
सूर्य09:2110:29दिन
शुक्र10:2911:37दिन
बुध11:3712:44दिन
चंद्र12:4413:52दिन
शनि13:5214:59दिन
गुरु14:5916:07दिन
मंगल16:0717:14दिन
सूर्य17:1418:22दिन
शुक्र18:2219:14रात
बुध19:1420:07रात
चंद्र20:0720:59रात
शनि20:5921:52रात
गुरु21:5222:44रात
मंगल22:4423:37रात
सूर्य23:3700:29रात
शुक्र00:2901:22रात
बुध01:2202:14रात
चंद्र02:1403:06रात
शनि03:0603:59रात
गुरु03:5904:51रात

अयनांश 24.2266° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।