17 जून 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 17 जून 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 जून 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (21:39 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:37 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 04:51 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:18 तक है।

दिन और रात
दिन 04:51 – 18:22
रात 04:52 तक
तिथि
तृतीया, 21:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:37 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:51 – 06:33शुभ
अमृत06:33 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:56टालें
शुभ09:56 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:18टालें
उद्वेग13:18 – 15:00टालें
चर15:00 – 16:41सामान्य
लाभ16:41 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:22 – 19:41टालें
शुभ19:41 – 21:00शुभ
अमृत21:00 – 22:18शुभ
चर22:18 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 00:56टालें
काल00:56 – 02:14टालें
लाभ02:14 – 03:33शुभ
उद्वेग03:33 – 04:52टालें

17 जून 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 21:39 तक
शुक्ल चतुर्थी 18:59, 18 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 11:32, 18 जून तक
योग
ध्रुव 20:51 तक
व्याघातअशुभ 17:35, 18 जून तक
करण
तैतिल 11:12 तक
गर 21:39 तक
वणिज 08:14, 18 जून तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:13 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:51
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
06:55
चंद्रास्त
20:50
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:10
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 12:04 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:18
यमगंड
06:33 – 08:14
गुलिक काल
09:56 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5105:59दिन
चंद्र05:5907:07दिन
शनि07:0708:14दिन
गुरु08:1409:22दिन
मंगल09:2210:29दिन
सूर्य10:2911:37दिन
शुक्र11:3712:45दिन
बुध12:4513:52दिन
चंद्र13:5215:00दिन
शनि15:0016:07दिन
गुरु16:0717:15दिन
मंगल17:1518:22दिन
सूर्य18:2219:15रात
शुक्र19:1520:07रात
बुध20:0721:00रात
चंद्र21:0021:52रात
शनि21:5222:45रात
गुरु22:4523:37रात
मंगल23:3700:29रात
सूर्य00:2901:22रात
शुक्र01:2202:14रात
बुध02:1403:07रात
चंद्र03:0703:59रात
शनि03:5904:52रात

अयनांश 24.2267° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।