28 जून 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 28 जून 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 जून 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (03:06, 29 जून तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (01:09, 29 जून तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 04:54 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 16:43 से 18:24 तक है।

दिन और रात
दिन 04:54 – 18:24
रात 04:54 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:06 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 01:09 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग04:54 – 06:35टालें
चर06:35 – 08:17सामान्य
लाभ08:17 – 09:58शुभ
अमृत09:58 – 11:39शुभ
काल11:39 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 15:02शुभ
रोग15:02 – 16:43टालें
उद्वेग16:43 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:24 – 19:43शुभ
अमृत19:43 – 21:02शुभ
चर21:02 – 22:21सामान्य
रोग22:21 – 23:39टालें
काल23:39 – 00:58टालें
लाभ00:58 – 02:17शुभ
उद्वेग02:17 – 03:36टालें
शुभ03:36 – 04:54शुभ

28 जून 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 03:06, 29 जून तक
पूर्णिमा 05:26, 30 जून तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:09, 29 जून तक
मूल 04:03, 30 जून तक
योग
शुभ 13:29 तक
शुक्ल 14:26, 29 जून तक
करण
गर 13:55 तक
वणिज 03:06, 29 जून तक
विष्टि (भद्रा) 16:17, 29 जून तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 01:09, 29 जून तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:54
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
17:17
चंद्रास्त
03:07
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
16:43 – 18:24
यमगंड
11:39 – 13:21
गुलिक काल
15:02 – 16:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य04:5406:02दिन
शुक्र06:0207:09दिन
बुध07:0908:17दिन
चंद्र08:1709:24दिन
शनि09:2410:32दिन
गुरु10:3211:39दिन
मंगल11:3912:47दिन
सूर्य12:4713:54दिन
शुक्र13:5415:02दिन
बुध15:0216:09दिन
चंद्र16:0917:17दिन
शनि17:1718:24दिन
गुरु18:2419:17रात
मंगल19:1720:09रात
सूर्य20:0921:02रात
शुक्र21:0221:54रात
बुध21:5422:47रात
चंद्र22:4723:39रात
शनि23:3900:32रात
गुरु00:3201:24रात
मंगल01:2402:17रात
सूर्य02:1703:09रात
शुक्र03:0904:02रात
बुध04:0204:54रात

अयनांश 24.2271° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।