1 जुलाई 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 1 जुलाई 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 जुलाई 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (07:38 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (06:51 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 04:55 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 11:40 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 04:55 – 18:25
रात 04:55 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:55 – 06:36शुभ
अमृत06:36 – 08:17शुभ
काल08:17 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:40शुभ
रोग11:40 – 13:21टालें
उद्वेग13:21 – 15:02टालें
चर15:02 – 16:44सामान्य
लाभ16:44 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:25 – 19:44टालें
शुभ19:44 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:21शुभ
चर22:21 – 23:40सामान्य
रोग23:40 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:18टालें
लाभ02:18 – 03:36शुभ
उद्वेग03:36 – 04:55टालें

1 जुलाई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 07:38 तक
कृष्ण द्वितीया 09:38, 2 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:27, 2 जुल॰ तक
योग
इंद्र 16:04 तक
वैधृतिअशुभ 16:39, 2 जुल॰ तक
करण
कौलव 07:38 तक
तैतिल 20:40 तक
गर 09:38, 2 जुल॰ तक
चंद्र राशि
धनु 13:31 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:55
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
19:39
चंद्रास्त
05:44
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:13
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:07 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:40 – 13:21
यमगंड
06:36 – 08:17
गुलिक काल
09:59 – 11:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5506:02दिन
चंद्र06:0207:10दिन
शनि07:1008:17दिन
गुरु08:1709:25दिन
मंगल09:2510:32दिन
सूर्य10:3211:40दिन
शुक्र11:4012:47दिन
बुध12:4713:55दिन
चंद्र13:5515:02दिन
शनि15:0216:10दिन
गुरु16:1017:17दिन
मंगल17:1718:25दिन
सूर्य18:2519:17रात
शुक्र19:1720:10रात
बुध20:1021:02रात
चंद्र21:0221:55रात
शनि21:5522:47रात
गुरु22:4723:40रात
मंगल23:4000:33रात
सूर्य00:3301:25रात
शुक्र01:2502:18रात
बुध02:1803:10रात
चंद्र03:1004:03रात
शनि04:0304:55रात

अयनांश 24.2272° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।