3 जुलाई 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 जुलाई 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (11:20 तक), नक्षत्र श्रवण (11:46 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 04:56 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 09:59 से 11:40 तक है।

दिन और रात
दिन 04:56 – 18:25
रात 04:56 तक
तिथि
तृतीया, 11:20 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण, 11:46 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:56 – 06:37सामान्य
लाभ06:37 – 08:18शुभ
अमृत08:18 – 09:59शुभ
काल09:59 – 11:40टालें
शुभ11:40 – 13:21शुभ
रोग13:21 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:44टालें
चर16:44 – 18:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:25 – 19:44टालें
काल19:44 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:21शुभ
उद्वेग22:21 – 23:40टालें
शुभ23:40 – 00:59शुभ
अमृत00:59 – 02:18शुभ
चर02:18 – 03:37सामान्य
रोग03:37 – 04:56टालें

3 जुलाई 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 11:20 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:40, 4 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 11:46 तक
धनिष्ठा 13:44, 4 जुल॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 17:00 तक
प्रीति 17:01, 4 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:20 तक
बव 00:03, 4 जुल॰ तक
बालव 12:40, 4 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मकर 00:48, 4 जुल॰ तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:56
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
20:54
चंद्रास्त
07:34
दिनमान
13h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:59 – 11:40
यमगंड
15:03 – 16:44
गुलिक काल
06:37 – 08:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5606:03दिन
बुध06:0307:11दिन
चंद्र07:1108:18दिन
शनि08:1809:25दिन
गुरु09:2510:33दिन
मंगल10:3311:40दिन
सूर्य11:4012:48दिन
शुक्र12:4813:55दिन
बुध13:5515:03दिन
चंद्र15:0316:10दिन
शनि16:1017:17दिन
गुरु17:1718:25दिन
मंगल18:2519:17रात
सूर्य19:1720:10रात
शुक्र20:1021:03रात
बुध21:0321:55रात
चंद्र21:5522:48रात
शनि22:4823:40रात
गुरु23:4000:33रात
मंगल00:3301:26रात
सूर्य01:2602:18रात
शुक्र02:1803:11रात
बुध03:1104:03रात
चंद्र04:0304:56रात

अयनांश 24.2273° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।