13 जुलाई 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 13 जुलाई 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 जुलाई 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (18:49 तक), नक्षत्र मृगशिरा (05:41 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 04:59 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 06:40 से 08:21 तक है।

दिन और रात
दिन 04:59 – 18:24
रात 05:00 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:49 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:51 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:59 – 06:40शुभ
काल06:40 – 08:21टालें
शुभ08:21 – 10:01शुभ
रोग10:01 – 11:42टालें
उद्वेग11:42 – 13:22टालें
चर13:22 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:24 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:22टालें
लाभ22:22 – 23:42शुभ
उद्वेग23:42 – 01:01टालें
शुभ01:01 – 02:21शुभ
अमृत02:21 – 03:40शुभ
चर03:40 – 05:00सामान्य

13 जुलाई 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 18:49 तक
अमावस्या 15:13, 14 जुल॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:51, 14 जुल॰ तक
पुनर्वसु 00:09, 15 जुल॰ तक
योग
ध्रुव 16:00 तक
व्याघातअशुभ 11:57, 14 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:40 तक
शकुनि 18:49 तक
चतुष्पद 05:00, 14 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:59
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
03:20
चंद्रास्त
17:37
दिनमान
13h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
06:40 – 08:21
यमगंड
10:01 – 11:42
गुलिक काल
13:22 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5906:07दिन
शनि06:0707:14दिन
गुरु07:1408:21दिन
मंगल08:2109:28दिन
सूर्य09:2810:35दिन
शुक्र10:3511:42दिन
बुध11:4212:49दिन
चंद्र12:4913:56दिन
शनि13:5615:03दिन
गुरु15:0316:10दिन
मंगल16:1017:17दिन
सूर्य17:1718:24दिन
शुक्र18:2419:17रात
बुध19:1720:10रात
चंद्र20:1021:03रात
शनि21:0321:56रात
गुरु21:5622:49रात
मंगल22:4923:42रात
सूर्य23:4200:35रात
शुक्र00:3501:28रात
बुध01:2802:21रात
चंद्र02:2103:14रात
शनि03:1404:07रात
गुरु04:0705:00रात

अयनांश 24.2276° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।