6 अगस्त 2027 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 अगस्त 2027, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (00:23, 7 अग॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:33 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 10:04 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:14
रात 05:10 तक
तिथि
पंचमी, 00:23 तक
षष्ठी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:09 – 06:48सामान्य
लाभ06:48 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 10:04शुभ
काल10:04 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:20शुभ
रोग13:20 – 14:58टालें
उद्वेग14:58 – 16:36टालें
चर16:36 – 18:14सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:14 – 19:36टालें
काल19:36 – 20:58टालें
लाभ20:58 – 22:20शुभ
उद्वेग22:20 – 23:42टालें
शुभ23:42 – 01:04शुभ
अमृत01:04 – 02:26शुभ
चर02:26 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:10टालें

6 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 00:23, 7 अग॰ तक
शुक्ल षष्ठी 23:01, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:25, 7 अग॰ तक
योग
सिद्ध 00:51, 7 अग॰ तक
साध्य 22:43, 7 अग॰ तक
करण
बव 13:20 तक
बालव 00:23, 7 अग॰ तक
कौलव 11:36, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
09:01
चंद्रास्त
20:58
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
10:04 – 11:42
यमगंड
14:58 – 16:36
गुलिक काल
06:48 – 08:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0906:15दिन
बुध06:1507:20दिन
चंद्र07:2008:26दिन
शनि08:2609:31दिन
गुरु09:3110:36दिन
मंगल10:3611:42दिन
सूर्य11:4212:47दिन
शुक्र12:4713:53दिन
बुध13:5314:58दिन
चंद्र14:5816:04दिन
शनि16:0417:09दिन
गुरु17:0918:14दिन
मंगल18:1419:09रात
सूर्य19:0920:04रात
शुक्र20:0420:58रात
बुध20:5821:53रात
चंद्र21:5322:47रात
शनि22:4723:42रात
गुरु23:4200:37रात
मंगल00:3701:31रात
सूर्य01:3102:26रात
शुक्र02:2603:21रात
बुध03:2104:15रात
चंद्र04:1505:10रात

अयनांश 24.2425° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।