18 मई 2029 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 मई 2029, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 मई 2029 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:59 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (23:05 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 04:55 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 09:53 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 04:55 – 18:11
रात 04:54 तक
तिथि
पंचमी, 23:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 23:05 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:55 – 06:34सामान्य
लाभ06:34 – 08:14शुभ
अमृत08:14 – 09:53शुभ
काल09:53 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 13:12शुभ
रोग13:12 – 14:52टालें
उद्वेग14:52 – 16:31टालें
चर16:31 – 18:11सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:11 – 19:31टालें
काल19:31 – 20:51टालें
लाभ20:51 – 22:12शुभ
उद्वेग22:12 – 23:32टालें
शुभ23:32 – 00:53शुभ
अमृत00:53 – 02:13शुभ
चर02:13 – 03:34सामान्य
रोग03:34 – 04:54टालें

18 मई 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:59 तक
शुक्ल षष्ठी 23:31, 19 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 23:20, 19 मई तक
योग
शूलअशुभ 10:49 तक
गंडअशुभ 09:40, 19 मई तक
करण
बव 12:01 तक
बालव 23:59 तक
कौलव 11:49, 19 मई तक
चंद्र राशि
मिथुन 16:56 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:55
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
08:41
चंद्रास्त
22:17
दिनमान
13h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
09:53 – 11:33
यमगंड
14:52 – 16:31
गुलिक काल
06:34 – 08:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5506:01दिन
बुध06:0107:07दिन
चंद्र07:0708:14दिन
शनि08:1409:20दिन
गुरु09:2010:26दिन
मंगल10:2611:33दिन
सूर्य11:3312:39दिन
शुक्र12:3913:45दिन
बुध13:4514:52दिन
चंद्र14:5215:58दिन
शनि15:5817:04दिन
गुरु17:0418:11दिन
मंगल18:1119:04रात
सूर्य19:0419:58रात
शुक्र19:5820:51रात
बुध20:5121:45रात
चंद्र21:4522:39रात
शनि22:3923:32रात
गुरु23:3200:26रात
मंगल00:2601:20रात
सूर्य01:2002:13रात
शुक्र02:1303:07रात
बुध03:0704:01रात
चंद्र04:0104:54रात

अयनांश 24.2674° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।