12 जुलाई 2029 को कोलकाता का चौघड़िया

गुरुवार, 12 जुलाई 2029, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 जुलाई 2029 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:30 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (11:42 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 04:59 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 13:22 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 04:59 – 18:24
रात 05:00 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 11:42 तक
पुष्य
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:59 – 06:40शुभ
रोग06:40 – 08:20टालें
उद्वेग08:20 – 10:01टालें
चर10:01 – 11:42सामान्य
लाभ11:42 – 13:22शुभ
अमृत13:22 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:24 – 19:44शुभ
चर19:44 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:22टालें
काल22:22 – 23:42टालें
लाभ23:42 – 01:01शुभ
उद्वेग01:01 – 02:21टालें
शुभ02:21 – 03:40शुभ
अमृत03:40 – 05:00शुभ

12 जुलाई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:30 तक
शुक्ल द्वितीया 19:13, 13 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 11:19, 13 जुल॰ तक
योग
हर्षण 00:01, 13 जुल॰ तक
वज्रअशुभ 21:54, 13 जुल॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 08:59 तक
बव 20:30 तक
बालव 07:55, 13 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:43 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:59
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
18:56
दिनमान
13h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
13:22 – 15:03
यमगंड
04:59 – 06:40
गुलिक काल
08:20 – 10:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:5906:06दिन
मंगल06:0607:13दिन
सूर्य07:1308:20दिन
शुक्र08:2009:27दिन
बुध09:2710:35दिन
चंद्र10:3511:42दिन
शनि11:4212:49दिन
गुरु12:4913:56दिन
मंगल13:5615:03दिन
सूर्य15:0316:10दिन
शुक्र16:1017:17दिन
बुध17:1718:24दिन
चंद्र18:2419:17रात
शनि19:1720:10रात
गुरु20:1021:03रात
मंगल21:0321:56रात
सूर्य21:5622:49रात
शुक्र22:4923:42रात
बुध23:4200:35रात
चंद्र00:3501:28रात
शनि01:2802:21रात
गुरु02:2103:14रात
मंगल03:1404:07रात
सूर्य04:0705:00रात

अयनांश 24.2695° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।