29 नवंबर 2029 को कोलकाता का चौघड़िया

गुरुवार, 29 नवंबर 2029, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 नवंबर 2029 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (16:40 तक), नक्षत्र मघा (06:19 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 12:46 से 14:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 16:51
रात 05:59 तक
तिथि
अष्टमी, 16:40 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 05:32 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:58 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:41टालें
उद्वेग08:41 – 10:03टालें
चर10:03 – 11:24सामान्य
लाभ11:24 – 12:46शुभ
अमृत12:46 – 14:07शुभ
काल14:07 – 15:29टालें
शुभ15:29 – 16:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:51 – 18:29शुभ
चर18:29 – 20:08सामान्य
रोग20:08 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 01:03शुभ
उद्वेग01:03 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:20शुभ
अमृत04:20 – 05:59शुभ

29 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 16:40 तक
कृष्ण नवमी 14:58, 30 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 06:19 तक
उत्तरा फाल्गुनी 04:10, 1 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 12:39 तक
विष्कंभअशुभ 10:09, 30 नव॰ तक
करण
कौलव 16:40 तक
तैतिल 03:54, 30 नव॰ तक
गर 14:58, 30 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:48
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
12:46 – 14:07
यमगंड
05:58 – 07:20
गुलिक काल
08:41 – 10:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5806:52दिन
मंगल06:5207:47दिन
सूर्य07:4708:41दिन
शुक्र08:4109:36दिन
बुध09:3610:30दिन
चंद्र10:3011:24दिन
शनि11:2412:19दिन
गुरु12:1913:13दिन
मंगल13:1314:07दिन
सूर्य14:0715:02दिन
शुक्र15:0215:56दिन
बुध15:5616:51दिन
चंद्र16:5117:56रात
शनि17:5619:02रात
गुरु19:0220:08रात
मंगल20:0821:13रात
सूर्य21:1322:19रात
शुक्र22:1923:25रात
बुध23:2500:30रात
चंद्र00:3001:36रात
शनि01:3602:42रात
गुरु02:4203:47रात
मंगल03:4704:53रात
सूर्य04:5305:59रात

अयनांश 24.2749° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।