14 दिसंबर 2029 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2029, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2029 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (14:13 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (14:49 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 10:10 से 11:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 16:54
रात 06:08 तक
तिथि
नवमी, 14:13 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 14:49 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:28सामान्य
लाभ07:28 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:31टालें
शुभ11:31 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:12टालें
उद्वेग14:12 – 15:33टालें
चर15:33 – 16:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:54 – 18:33टालें
काल18:33 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:31टालें
शुभ23:31 – 01:10शुभ
अमृत01:10 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 06:08टालें

14 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 14:13 तक
शुक्ल दशमी 16:40, 15 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:42, 15 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 17:48 तक
वरीयान 18:35, 15 दिस॰ तक
करण
कौलव 14:13 तक
तैतिल 03:24, 15 दिस॰ तक
गर 16:40, 15 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
12:17
चंद्रास्त
00:20
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:52

अशुभ समय

राहुकाल
10:10 – 11:31
यमगंड
14:12 – 15:33
गुलिक काल
07:28 – 08:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:02दिन
बुध07:0207:55दिन
चंद्र07:5508:49दिन
शनि08:4909:43दिन
गुरु09:4310:37दिन
मंगल10:3711:31दिन
सूर्य11:3112:25दिन
शुक्र12:2513:18दिन
बुध13:1814:12दिन
चंद्र14:1215:06दिन
शनि15:0616:00दिन
गुरु16:0016:54दिन
मंगल16:5418:00रात
सूर्य18:0019:06रात
शुक्र19:0620:12रात
बुध20:1221:19रात
चंद्र21:1922:25रात
शनि22:2523:31रात
गुरु23:3100:37रात
मंगल00:3701:43रात
सूर्य01:4302:50रात
शुक्र02:5003:56रात
बुध03:5605:02रात
चंद्र05:0206:08रात

अयनांश 24.2755° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।