13 अक्टूबर 2032 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 13 अक्टूबर 2032, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 अक्टूबर 2032 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (18:19 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (10:52 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 11:22 से 12:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:12
रात 05:32 तक
तिथि
नवमी, 18:19 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 10:52 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2032 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:32 – 06:59शुभ
अमृत06:59 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:22शुभ
रोग11:22 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:45सामान्य
लाभ15:45 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:12 – 18:45टालें
शुभ18:45 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:50शुभ
चर21:50 – 23:22सामान्य
रोग23:22 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:27टालें
लाभ02:27 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:32टालें

13 अक्टूबर 2032 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 18:19 तक
शुक्ल दशमी 15:47, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:12, 14 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 06:27 तक
धृति 03:26, 14 अक्टू॰ तक
शूलअशुभ 00:05, 15 अक्टू॰ तक
करण
बालव 07:25 तक
कौलव 18:19 तक
तैतिल 05:06, 14 अक्टू॰ तक
गर 15:47, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
12:57
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954, परिधावी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:22 – 12:50
यमगंड
06:59 – 08:27
गुलिक काल
09:54 – 11:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3206:30दिन
चंद्र06:3007:29दिन
शनि07:2908:27दिन
गुरु08:2709:25दिन
मंगल09:2510:24दिन
सूर्य10:2411:22दिन
शुक्र11:2212:20दिन
बुध12:2013:19दिन
चंद्र13:1914:17दिन
शनि14:1715:16दिन
गुरु15:1616:14दिन
मंगल16:1417:12दिन
सूर्य17:1218:14रात
शुक्र18:1419:16रात
बुध19:1620:17रात
चंद्र20:1721:19रात
शनि21:1922:21रात
गुरु22:2123:22रात
मंगल23:2200:24रात
सूर्य00:2401:26रात
शुक्र01:2602:27रात
बुध02:2703:29रात
चंद्र03:2904:31रात
शनि04:3105:32रात

अयनांश 24.3150° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।