22 अक्टूबर 2050 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 22 अक्टूबर 2050, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 अक्टूबर 2050 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (07:19 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (01:48, 23 अक्टू॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 08:28 से 09:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 17:05
रात 05:36 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 01:48 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2050 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:35 – 07:02टालें
शुभ07:02 – 08:28शुभ
रोग08:28 – 09:54टालें
उद्वेग09:54 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:47सामान्य
लाभ12:47 – 14:13शुभ
अमृत14:13 – 15:39शुभ
काल15:39 – 17:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:05 – 18:39शुभ
उद्वेग18:39 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:47शुभ
अमृत21:47 – 23:21शुभ
चर23:21 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:28टालें
काल02:28 – 04:02टालें
लाभ04:02 – 05:36शुभ

22 अक्टूबर 2050 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 07:19 तक
शुक्ल सप्तमी 06:22, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 01:48, 23 अक्टू॰ तक
उत्तराषाढ़ा 01:05, 24 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 06:20 तक
सुकर्मा 04:27, 23 अक्टू॰ तक
धृति 02:07, 24 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 07:19 तक
गर 18:55 तक
वणिज 06:22, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
10:59
चंद्रास्त
22:21
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2107
शक संवत
1972, प्रमोद संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
08:28 – 09:54
यमगंड
12:47 – 14:13
गुलिक काल
05:35 – 07:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3506:33दिन
गुरु06:3307:30दिन
मंगल07:3008:28दिन
सूर्य08:2809:25दिन
शुक्र09:2510:23दिन
बुध10:2311:20दिन
चंद्र11:2012:18दिन
शनि12:1813:15दिन
गुरु13:1514:13दिन
मंगल14:1315:10दिन
सूर्य15:1016:08दिन
शुक्र16:0817:05दिन
बुध17:0518:08रात
चंद्र18:0819:10रात
शनि19:1020:13रात
गुरु20:1321:15रात
मंगल21:1522:18रात
सूर्य22:1823:21रात
शुक्र23:2100:23रात
बुध00:2301:26रात
चंद्र01:2602:28रात
शनि02:2803:31रात
गुरु03:3104:33रात
मंगल04:3305:36रात

अयनांश 24.5668° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।