16 अक्टूबर 2067 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 16 अक्टूबर 2067, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 अक्टूबर 2067 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (10:34 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (20:32 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 15:43 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:10
रात 05:33 तक
तिथि
अष्टमी, 10:34 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 20:32 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2067 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:33 – 07:00टालें
चर07:00 – 08:27सामान्य
लाभ08:27 – 09:54शुभ
अमृत09:54 – 11:21शुभ
काल11:21 – 12:49टालें
शुभ12:49 – 14:16शुभ
रोग14:16 – 15:43टालें
उद्वेग15:43 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:10 – 18:43शुभ
अमृत18:43 – 20:16शुभ
चर20:16 – 21:49सामान्य
रोग21:49 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:55टालें
लाभ00:55 – 02:27शुभ
उद्वेग02:27 – 04:00टालें
शुभ04:00 – 05:33शुभ

16 अक्टूबर 2067 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 10:34 तक
शुक्ल नवमी 08:20, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:54, 17 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 12:19 तक
धृति 09:21, 17 अक्टू॰ तक
करण
बव 10:34 तक
बालव 21:29 तक
कौलव 08:20, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
12:31
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2124
शक संवत
1989, सर्वजित संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
15:43 – 17:10
यमगंड
11:21 – 12:49
गुलिक काल
14:16 – 15:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3306:31दिन
शुक्र06:3107:29दिन
बुध07:2908:27दिन
चंद्र08:2709:25दिन
शनि09:2510:23दिन
गुरु10:2311:21दिन
मंगल11:2112:20दिन
सूर्य12:2013:18दिन
शुक्र13:1814:16दिन
बुध14:1615:14दिन
चंद्र15:1416:12दिन
शनि16:1217:10दिन
गुरु17:1018:12रात
मंगल18:1219:14रात
सूर्य19:1420:16रात
शुक्र20:1621:18रात
बुध21:1822:20रात
चंद्र22:2023:22रात
शनि23:2200:24रात
गुरु00:2401:26रात
मंगल01:2602:27रात
सूर्य02:2703:29रात
शुक्र03:2904:31रात
बुध04:3105:33रात

अयनांश 24.8041° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।