4 अक्टूबर 2079 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 4 अक्टूबर 2079, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 अक्टूबर 2079 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (23:18 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:19 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 11:25 से 12:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 17:21
रात 05:29 तक
तिथि
नवमी, 23:18 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2079 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:28 – 06:58शुभ
अमृत06:58 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:56टालें
शुभ09:56 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:54टालें
उद्वेग12:54 – 14:23टालें
चर14:23 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:21 – 18:52टालें
शुभ18:52 – 20:23शुभ
अमृत20:23 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:56टालें
काल00:56 – 02:27टालें
लाभ02:27 – 03:58शुभ
उद्वेग03:58 – 05:29टालें

4 अक्टूबर 2079 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 23:18 तक
शुक्ल दशमी 00:50, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:43, 5 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 20:42 तक
सुकर्मा 20:55, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 10:20 तक
कौलव 23:18 तक
तैतिल 12:08, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 13:57 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
13:22
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2136
शक संवत
2001, विकारी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:25 – 12:54
यमगंड
06:58 – 08:27
गुलिक काल
09:56 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2806:28दिन
चंद्र06:2807:27दिन
शनि07:2708:27दिन
गुरु08:2709:26दिन
मंगल09:2610:25दिन
सूर्य10:2511:25दिन
शुक्र11:2512:24दिन
बुध12:2413:23दिन
चंद्र13:2314:23दिन
शनि14:2315:22दिन
गुरु15:2216:21दिन
मंगल16:2117:21दिन
सूर्य17:2118:21रात
शुक्र18:2119:22रात
बुध19:2220:23रात
चंद्र20:2321:23रात
शनि21:2322:24रात
गुरु22:2423:25रात
मंगल23:2500:25रात
सूर्य00:2501:26रात
शुक्र01:2602:27रात
बुध02:2703:27रात
चंद्र03:2704:28रात
शनि04:2805:29रात

अयनांश 24.9713° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।