7 अक्टूबर 2084 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 7 अक्टूबर 2084, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 अक्टूबर 2084 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (15:11 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (16:15 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 17:17
रात 05:30 तक
तिथि
अष्टमी, 15:11 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 16:15 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2084 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:30 – 06:58टालें
शुभ06:58 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:24टालें
चर11:24 – 12:52सामान्य
लाभ12:52 – 14:20शुभ
अमृत14:20 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:17 – 18:49शुभ
उद्वेग18:49 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 21:52शुभ
अमृत21:52 – 23:24शुभ
चर23:24 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:59टालें
लाभ03:59 – 05:30शुभ

7 अक्टूबर 2084 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 15:11 तक
शुक्ल नवमी 13:05, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 14:53, 8 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 21:24 तक
सुकर्मा 18:33, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 15:11 तक
बालव 02:09, 8 अक्टू॰ तक
कौलव 13:05, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 21:55 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
12:32
चंद्रास्त
23:43
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2141
शक संवत
2006, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:55
यमगंड
12:52 – 14:20
गुलिक काल
05:30 – 06:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3006:29दिन
गुरु06:2907:28दिन
मंगल07:2808:27दिन
सूर्य08:2709:26दिन
शुक्र09:2610:25दिन
बुध10:2511:24दिन
चंद्र11:2412:22दिन
शनि12:2213:21दिन
गुरु13:2114:20दिन
मंगल14:2015:19दिन
सूर्य15:1916:18दिन
शुक्र16:1817:17दिन
बुध17:1718:18रात
चंद्र18:1819:19रात
शनि19:1920:20रात
गुरु20:2021:22रात
मंगल21:2222:23रात
सूर्य22:2323:24रात
शुक्र23:2400:25रात
बुध00:2501:26रात
चंद्र01:2602:27रात
शनि02:2703:28रात
गुरु03:2804:29रात
मंगल04:2905:30रात

अयनांश 25.0413° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।