20 सितंबर 2027 को कोटा का चौघड़िया

सोमवार, 20 सितंबर 2027, कोटा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 सितंबर 2027 को कोटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:09 तक), नक्षत्र भरणी (18:09 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 07:45 से 09:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:25
रात 06:14 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 18:09 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:14 – 07:45शुभ
काल07:45 – 09:17टालें
शुभ09:17 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:54शुभ
अमृत16:54 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:25 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:46शुभ
चर04:46 – 06:14सामान्य

20 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:09 तक
कृष्ण पंचमी 06:43, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:09 तक
कृत्तिका 18:13, 21 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 07:14 तक
हर्षण 05:49, 21 सित॰ तक
वज्रअशुभ 04:04, 22 सित॰ तक
करण
बालव 07:09 तक
कौलव 18:59 तक
तैतिल 06:43, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 00:12, 21 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
20:58
चंद्रास्त
10:03
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
07:45 – 09:17
यमगंड
10:48 – 12:20
गुलिक काल
13:51 – 15:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1407:15दिन
शनि07:1508:16दिन
गुरु08:1609:17दिन
मंगल09:1710:18दिन
सूर्य10:1811:19दिन
शुक्र11:1912:20दिन
बुध12:2013:20दिन
चंद्र13:2014:21दिन
शनि14:2115:22दिन
गुरु15:2216:23दिन
मंगल16:2317:24दिन
सूर्य17:2418:25दिन
शुक्र18:2519:24रात
बुध19:2420:23रात
चंद्र20:2321:22रात
शनि21:2222:22रात
गुरु22:2223:21रात
मंगल23:2100:20रात
सूर्य00:2001:19रात
शुक्र01:1902:18रात
बुध02:1803:17रात
चंद्र03:1704:16रात
शनि04:1605:15रात
गुरु05:1506:14रात

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय कोटा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।