11 नवंबर 2027 को कोटा का चौघड़िया

गुरुवार, 11 नवंबर 2027, कोटा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 नवंबर 2027 को कोटा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (10:07 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:01 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 13:32 से 14:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 17:40
रात 06:41 तक
तिथि
द्वादशी, 10:07 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:40 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:25टालें
उद्वेग09:25 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:10सामान्य
लाभ12:10 – 13:32शुभ
अमृत13:32 – 14:55शुभ
काल14:55 – 16:18टालें
शुभ16:18 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:40 – 19:18शुभ
चर19:18 – 20:55सामान्य
रोग20:55 – 22:33टालें
काल22:33 – 00:10टालें
लाभ00:10 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 05:03शुभ
अमृत05:03 – 06:41शुभ

11 नवंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 10:07 तक
शुक्ल त्रयोदशी 10:21, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:55, 12 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 22:57 तक
सिद्धि 21:42, 12 नव॰ तक
करण
बालव 10:07 तक
कौलव 22:19 तक
तैतिल 10:21, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
15:35
चंद्रास्त
03:48
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:32 – 14:55
यमगंड
06:40 – 08:02
गुलिक काल
09:25 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4007:35दिन
मंगल07:3508:30दिन
सूर्य08:3009:25दिन
शुक्र09:2510:20दिन
बुध10:2011:15दिन
चंद्र11:1512:10दिन
शनि12:1013:05दिन
गुरु13:0514:00दिन
मंगल14:0014:55दिन
सूर्य14:5515:50दिन
शुक्र15:5016:45दिन
बुध16:4517:40दिन
चंद्र17:4018:45रात
शनि18:4519:50रात
गुरु19:5020:55रात
मंगल20:5522:00रात
सूर्य22:0023:05रात
शुक्र23:0500:10रात
बुध00:1001:15रात
चंद्र01:1502:20रात
शनि02:2003:25रात
गुरु03:2504:30रात
मंगल04:3005:36रात
सूर्य05:3606:41रात

अयनांश 24.2462° (लाहिड़ी)। समय कोटा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।