1 जनवरी 2025 को कोझिकोड का चौघड़िया

बुधवार, 1 जनवरी 2025, कोझिकोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 जनवरी 2025 को कोझिकोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:24, 2 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:46 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:14
रात 06:46 तक
तिथि
द्वितीया, 02:24 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:46 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:45 – 08:12शुभ
अमृत08:12 – 09:38शुभ
काल09:38 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:22टालें
चर15:22 – 16:48सामान्य
लाभ16:48 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:14 – 19:48टालें
शुभ19:48 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:38टालें
लाभ03:38 – 05:12शुभ
उद्वेग05:12 – 06:46टालें

1 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:24, 2 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 01:08, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:10, 2 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 17:06 तक
हर्षण 14:57, 2 जन॰ तक
करण
बालव 14:56 तक
कौलव 02:24, 2 जन॰ तक
तैतिल 13:48, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
07:57
चंद्रास्त
19:40
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:56
यमगंड
08:12 – 09:38
गुलिक काल
11:04 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4507:43दिन
चंद्र07:4308:40दिन
शनि08:4009:38दिन
गुरु09:3810:35दिन
मंगल10:3511:33दिन
सूर्य11:3312:30दिन
शुक्र12:3013:27दिन
बुध13:2714:25दिन
चंद्र14:2515:22दिन
शनि15:2216:20दिन
गुरु16:2017:17दिन
मंगल17:1718:14दिन
सूर्य18:1419:17रात
शुक्र19:1720:20रात
बुध20:2021:22रात
चंद्र21:2222:25रात
शनि22:2523:28रात
गुरु23:2800:30रात
मंगल00:3001:33रात
सूर्य01:3302:35रात
शुक्र02:3503:38रात
बुध03:3804:41रात
चंद्र04:4105:43रात
शनि05:4306:46रात

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय कोझिकोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।