18 मार्च 2026 को कृष्णनगर का चौघड़िया

बुधवार, 18 मार्च 2026, कृष्णनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 मार्च 2026 को कृष्णनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (08:25 तक), नक्षत्र शतभिषा (06:09 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 11:44 से 13:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:46
रात 05:41 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 05:21 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:42 – 07:12शुभ
अमृत07:12 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:13टालें
शुभ10:13 – 11:44शुभ
रोग11:44 – 13:14टालें
उद्वेग13:14 – 14:45टालें
चर14:45 – 16:15सामान्य
लाभ16:15 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:46 – 19:15टालें
शुभ19:15 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:14शुभ
चर22:14 – 23:43सामान्य
रोग23:43 – 01:13टालें
काल01:13 – 02:42टालें
लाभ02:42 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:41टालें

18 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 08:25 तक
अमावस्या 06:53, 19 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:09 तक
पूर्वा भाद्रपद 05:21, 19 मार्च तक
उत्तरा भाद्रपद 04:05, 20 मार्च तक
योग
साध्य 06:22 तक
शुभ 04:01, 19 मार्च तक
शुक्ल 01:17, 20 मार्च तक
करण
शकुनि 08:25 तक
चतुष्पद 19:43 तक
नाग 06:53, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 23:36 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
05:03
चंद्रास्त
17:09
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:44 – 13:14
यमगंड
07:12 – 08:43
गुलिक काल
10:13 – 11:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4206:42दिन
चंद्र06:4207:43दिन
शनि07:4308:43दिन
गुरु08:4309:43दिन
मंगल09:4310:43दिन
सूर्य10:4311:44दिन
शुक्र11:4412:44दिन
बुध12:4413:44दिन
चंद्र13:4414:45दिन
शनि14:4515:45दिन
गुरु15:4516:45दिन
मंगल16:4517:46दिन
सूर्य17:4618:45रात
शुक्र18:4519:45रात
बुध19:4520:45रात
चंद्र20:4521:44रात
शनि21:4422:44रात
गुरु22:4423:43रात
मंगल23:4300:43रात
सूर्य00:4301:43रात
शुक्र01:4302:42रात
बुध02:4203:42रात
चंद्र03:4204:41रात
शनि04:4105:41रात

अयनांश 24.2232° (लाहिड़ी)। समय कृष्णनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।