15 सितंबर 2029 को कृष्णनगर का चौघड़िया

शनिवार, 15 सितंबर 2029, कृष्णनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 15 सितंबर 2029 को कृष्णनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (18:22 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (10:05 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:39
रात 05:22 तक
तिथि
अष्टमी, 18:22 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 10:05 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:22 – 06:54टालें
शुभ06:54 – 08:26शुभ
रोग08:26 – 09:58टालें
उद्वेग09:58 – 11:31टालें
चर11:31 – 13:03सामान्य
लाभ13:03 – 14:35शुभ
अमृत14:35 – 16:07शुभ
काल16:07 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:39 – 19:07शुभ
उद्वेग19:07 – 20:35टालें
शुभ20:35 – 22:03शुभ
अमृत22:03 – 23:31शुभ
चर23:31 – 00:59सामान्य
रोग00:59 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:54टालें
लाभ03:54 – 05:22शुभ

15 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 18:22 तक
शुक्ल नवमी 17:32, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:46, 16 सित॰ तक
योग
प्रीति 07:19 तक
आयुष्मान 05:20, 16 सित॰ तक
सौभाग्य 03:47, 17 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:59 तक
बव 18:22 तक
बालव 05:53, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
12:23
चंद्रास्त
23:20
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:58
यमगंड
13:03 – 14:35
गुलिक काल
05:22 – 06:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2206:23दिन
गुरु06:2307:25दिन
मंगल07:2508:26दिन
सूर्य08:2609:28दिन
शुक्र09:2810:29दिन
बुध10:2911:31दिन
चंद्र11:3112:32दिन
शनि12:3213:33दिन
गुरु13:3314:35दिन
मंगल14:3515:36दिन
सूर्य15:3616:38दिन
शुक्र16:3817:39दिन
बुध17:3918:38रात
चंद्र18:3819:36रात
शनि19:3620:35रात
गुरु20:3521:34रात
मंगल21:3422:32रात
सूर्य22:3223:31रात
शुक्र23:3100:29रात
बुध00:2901:28रात
चंद्र01:2802:27रात
शनि02:2703:25रात
गुरु03:2504:24रात
मंगल04:2405:22रात

अयनांश 24.2720° (लाहिड़ी)। समय कृष्णनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।