8 नवंबर 2029 को कृष्णनगर का चौघड़िया

गुरुवार, 8 नवंबर 2029, कृष्णनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 नवंबर 2029 को कृष्णनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (23:33 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (02:17, 9 नव॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 12:43 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 16:53
रात 05:46 तक
तिथि
तृतीया, 23:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 02:17 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:09शुभ
रोग07:09 – 08:32टालें
उद्वेग08:32 – 09:56टालें
चर09:56 – 11:19सामान्य
लाभ11:19 – 12:43शुभ
अमृत12:43 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 16:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:53 – 18:30शुभ
चर18:30 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:43टालें
काल21:43 – 23:19टालें
लाभ23:19 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:33टालें
शुभ02:33 – 04:09शुभ
अमृत04:09 – 05:46शुभ

8 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 23:33 तक
शुक्ल चतुर्थी 21:03, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:17, 9 नव॰ तक
मूल 00:35, 10 नव॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 22:29 तक
सुकर्मा 19:14, 9 नव॰ तक
करण
तैतिल 13:01 तक
गर 23:33 तक
वणिज 10:13, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 02:17, 9 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
07:55
चंद्रास्त
18:54
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
12:43 – 14:06
यमगंड
05:45 – 07:09
गुलिक काल
08:32 – 09:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:41दिन
मंगल06:4107:36दिन
सूर्य07:3608:32दिन
शुक्र08:3209:28दिन
बुध09:2810:23दिन
चंद्र10:2311:19दिन
शनि11:1912:15दिन
गुरु12:1513:11दिन
मंगल13:1114:06दिन
सूर्य14:0615:02दिन
शुक्र15:0215:58दिन
बुध15:5816:53दिन
चंद्र16:5317:58रात
शनि17:5819:02रात
गुरु19:0220:06रात
मंगल20:0621:11रात
सूर्य21:1122:15रात
शुक्र22:1523:19रात
बुध23:1900:24रात
चंद्र00:2401:28रात
शनि01:2802:33रात
गुरु02:3303:37रात
मंगल03:3704:41रात
सूर्य04:4105:46रात

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय कृष्णनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।