25 फ़रवरी 2028 को कुरनूल का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2028, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2028 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:07 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:08, 26 फ़र॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:23
रात 06:37 तक
तिथि
अमावस्या, 16:07 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:38 – 08:06सामान्य
लाभ08:06 – 09:34शुभ
अमृत09:34 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:55टालें
चर16:55 – 18:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:23 – 19:55टालें
काल19:55 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:34शुभ
चर03:34 – 05:05सामान्य
रोग05:05 – 06:37टालें

25 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 16:07 तक
शुक्ल प्रतिपदा 18:40, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:08, 26 फ़र॰ तक
योग
शिव 20:45 तक
सिद्ध 21:37, 26 फ़र॰ तक
करण
नाग 16:07 तक
किंस्तुघ्न 05:25, 26 फ़र॰ तक
बव 18:40, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
18:23
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:31
यमगंड
15:27 – 16:55
गुलिक काल
08:06 – 09:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3807:36दिन
बुध07:3608:35दिन
चंद्र08:3509:34दिन
शनि09:3410:33दिन
गुरु10:3311:32दिन
मंगल11:3212:31दिन
सूर्य12:3113:29दिन
शुक्र13:2914:28दिन
बुध14:2815:27दिन
चंद्र15:2716:26दिन
शनि16:2617:25दिन
गुरु17:2518:23दिन
मंगल18:2319:25रात
सूर्य19:2520:26रात
शुक्र20:2621:27रात
बुध21:2722:28रात
चंद्र22:2823:29रात
शनि23:2900:30रात
गुरु00:3001:31रात
मंगल01:3102:33रात
सूर्य02:3303:34रात
शुक्र03:3404:35रात
बुध04:3505:36रात
चंद्र05:3606:37रात

अयनांश 24.2503° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।