28 फ़रवरी 2028 को कुरनूल का चौघड़िया

सोमवार, 28 फ़रवरी 2028, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 28 फ़रवरी 2028 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (23:02 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (13:39 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 08:04 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:24
रात 06:35 तक
तिथि
तृतीया, 23:02 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 13:39 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 13:59टालें
चर13:59 – 15:27सामान्य
लाभ15:27 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:24 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:27टालें
काल21:27 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:33शुभ
अमृत03:33 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:35सामान्य

28 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 23:02 तक
शुक्ल चतुर्थी 00:43, 1 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 15:58, 29 फ़र॰ तक
योग
शुभ 22:48 तक
शुक्ल 23:00, 29 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 10:03 तक
गर 23:02 तक
वणिज 11:56, 29 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
08:01
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:04 – 09:33
यमगंड
11:02 – 12:30
गुलिक काल
13:59 – 15:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:35दिन
शनि07:3508:34दिन
गुरु08:3409:33दिन
मंगल09:3310:32दिन
सूर्य10:3211:31दिन
शुक्र11:3112:30दिन
बुध12:3013:29दिन
चंद्र13:2914:28दिन
शनि14:2815:27दिन
गुरु15:2716:26दिन
मंगल16:2617:25दिन
सूर्य17:2518:24दिन
शुक्र18:2419:25रात
बुध19:2520:26रात
चंद्र20:2621:27रात
शनि21:2722:28रात
गुरु22:2823:29रात
मंगल23:2900:30रात
सूर्य00:3001:31रात
शुक्र01:3102:32रात
बुध02:3203:33रात
चंद्र03:3304:33रात
शनि04:3305:34रात
गुरु05:3406:35रात

अयनांश 24.2504° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।